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कौशलेंद्र प्रसाद शाही उर्फ बबुआ जी ने आईपीएस की नौकरी छोड़ लग गए थे देश की सेवा करने में.
रिपोर्ट: प्रिंस गुप्ता
दरौंदा: प्रखंड के बगौरा के श्री कौशलेंद्र प्रसाद शाही उर्फ बबुआ जी जिनके पिताजी मुजफ्फरपुर जिले में स्वतंत्र भारत के पहले जिलाधिकारी शत्रुघ्न प्रसाद शाही थे. कौशलेंद्र प्रसाद शाही उर्फ बबुआ जी सिवान के दारौंदा प्रखंड स्थित बगौरा गाव से समाज सेवा की शुरुआत की. बगौरा में 1971 में भूमि दान देकर लालबहादुर शास्त्री उच्च विद्यालय एवं मध्य विद्यालय की स्थापना की. इसके अलावा पंचायत भवन स्वास्थ्य केंद्र, बगौरा बाजार आदि का निर्माण कराया. पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री से निकट संबंध कारण उनकी स्मृति में उन्होंने विद्यालय का नाम लाल बहादुर शास्त्री उच्च स्कूल रखा. वे लालबहादुर शास्त्री उच्च विद्यालय एवं मध्य विद्यालय में स्वयं छात्रों को पढ़ाते थे. और आज भी लाल बहादुर शास्त्री उच्च विद्यालय में छात्रों को पढ़ाते व समझाते है.बगौरा गाव में बच्चों के खेलने के लिए कंपाउड और गरीबों को अपनी सारी जमीन दान में दे दी है. बगौरा, रामाछपरा, दवन छपरा, उस्ती आदि क्षेत्र में उनकी पचास एकड़ भूमि में गरीबों एवं असहाय बसे हुए हैं. उन्होंने सिवान स्थित कचहरी दुर्गा मंदिर एवं राधा कृष्ण मंदिर के निर्माण में सहयोग किया था. वे परिवार की कुलीन संस्कृति से दूर गाव में संयासी का जीवन जीकर समाज सेवा की राह पर चलने से व्यतित्वगत परेशानी हुए लेकिन वे कभी विचलित नहीं हुए, समाज सेवा के कार्य में परिवार का पूरा साथ मिला. इसका उन्हें संतोष है.बगौरा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों महायज्ञों के वे सूत्रधान बने. छोड़ आइपीएस का कैरियर उम्र के 100 बसंत देख चुके कौशलेन्द्र प्रसाद शाही उर्फ बबुआ जी का न केवल सीवान, बल्कि पूरे सारण प्रमंडल में इनका नाम है. वे एक बार महाराजगंज के विधायक भी रहे पर राजनीति उन्हें पसंद नहीं आई. मुजफ्फरपुर जिले में स्वतंत्र भारत के पहले जिलाधिकारी शत्रुघ्न प्रसाद शाही चाहते थे कि उनका बेटा कौशलेन्द्र उनकी राह पर चलकर देश की सेवा करे जो कौशलेंद्र प्रसाद शाही कर रहे है.
